विपक्ष की एकता को तगड़ा झटका, कांग्रेस विधायक ने पार्टी से किया विद्रोह, योगी की मौजूदगी में सदन पहुँच सबको चौंकाया

विपक्ष की एकता को तगड़ा झटका, कांग्रेस विधायक ने पार्टी से किया विद्रोह, योगी की मौजूदगी में सदन पहुँच सबको चौंकाया
लखनऊ. कांग्रेस की विधायिका अदिति सिंह ने पार्टी से विद्रोह कर दिया है। अपने विद्रोही स्वर में उन्होंने कहा कि पार्टी को जो करना हो करे, मुझे यही अच्छा लगा तो मैने कर दिया। ये मौका था महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर विधानसभा के चल रहे विशेष सत्र का। इस सदन की कार्यवाही का समूचे विपक्ष ने बहिष्कार कर रखा था। सुबह से लेकर शाम तक विपक्षी कोना खाली पड़ा था। केवल सत्ताधारी ही दिख रहे थे। यूं तो सुबह सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तौर से बोलकर जा चुके थे, लेकिन जब बुधवार की शाम को वह आए तो कुछ ही देर बाद कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह भी आ गईं। उनके आते ही सब सकते में आ गए। सत्ता पक्ष तरह तरह के नारे बाजी करने लगा।
सदन में आने के बाद उन्हें जब बोलने का मौका दिया गया तो उन्होंने यूपी में विकास के मुद्दे पर चर्चा की। महात्मा गांधी को याद किया और कुछ समय रुकने के बाद वह बाहर आ गईं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज महात्मा गांधी की 150वीं सालगिरह है और उनके लिए सदन चलाया जा रहा है तो मैने सोचा कि यहां जाना चाहिए, सो मैं गई। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और अब वापस जा रही हूं। यह पूछे जाने पर पार्टी ने सदन का बहिष्कार किया था तो आपके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, इस पर उन्होंने कहा कि मेरे पिता पूर्व विधायक अखिलेश सिंह ने यही सिखाया है कि जो अच्छा लगे वह करो, मैने किया। अब पार्टी को अगर कोई कार्रवाई करनी होगी तो वह करेगी। हम जवाब देंगे।
इससे पूर्व लगातार 36 घंटे तक मैराथन सदन चलाने का रिकार्ड बनाने के लिए उत्साहित सत्ता पक्ष को सदन में सुनने वाले भी वही थे और बोलने वाले भी। इस खास सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज दो महापुरुषों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनको नमन करता हूं। अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में आज सदन चर्चा कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित लक्ष्य विजन 2030 के 16 गोल उत्तर प्रदेश में लागू होने हैं, इस पर हम समान रूप कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि बापू की जयंती पर आयोजित इस विशेष सदन का बष्किार वास्तव में बापू का अपमान करने के बराबर होगा।
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