सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में फंस गया था जवान, लौटकर कहा छोड़ दूंगा इंडियन आर्मी

28 सितंबर 2016. ये वो दिन था जब भारतीय फौज पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POL)में घुस गई थी. और वहां मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह कर वापस आई थी. स्पेशल कमांडोज ने इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ को अंजाम दिया था. सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल सभी जवान सुरक्षित वापस लौट आए थे. लेकिन इसी दिन पाकिस्तान ने दावा किया कि भारतीय सेना का एक जवान उनके कब्जे में है. भारतीय सेना ने इसकी पुष्टि की. कहा, कि यह जवान गलती से लाइन ऑफ कंट्रोल(LOC)पार कर गया था. इसका सर्जिकल स्ट्राइक से कोई लेना-देना नहीं है. इस जवान का नाम था चंदू चौहान. महाराष्ट्र के रहने वाले चंदू चौहान 21 जनवरी 2017 को पाकिस्तान से रिहा होकर स्वदेश लौटे थे.
अब क्या हुआ?
अब इस घटना के तीन साल बाद चंदू ने सेना पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि जब से वे पाकिस्तान से छूटकर भारत वापस लौटे हैं तब से उन्हें सेना की ओर से लगातार सजाएं दी जा रही हैं. चंदू चौहान ने माना है कि उनकी गलती के लिए कोर्ट मार्शल के बाद उन्हें 90 दिनों की जेल हो गई थी. लेकिन इसके बावजूद उन्हें आए दिन किसी न किसी वजह से प्रताड़ित किया जा रहा है. सेना ने 3 महीने से उनका आइडेंटिटी कार्ड जब्त कर रखा है.
चंदू का कहना है कि वे अहमदनगर के रेजीमेंट सेंटर में इलाज का बहाना बनाकर रह रहे हैं. उनका आरोप है कि उन्होंने जब अपने आला अधिकारियों से इस मामले में संपर्क किया तो कार्रवाई की वजह नहीं बताई गई. चंदू ने अहमदनगर आर्मी सेंटर के सीनियर अधिकारी को चिट्ठी लिखी है कि अब उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है. और वे फौज से इस्तीफा देना चाहते हैं. और आमरण अनशन भी करेंगे.
सेना ने आरोपों को बताया गलत
भारतीय सेना ने इस मामले में विज्ञप्ति जारी की है. सेना का कहना है कि चंदू चौहान ने कई बार गलतियां की हैं. जिसके कारण उनके खिलाफ 5 मामले चल रहे हैं. उन्होंने आम चुनाव में राजनीतिक दलों के लिए प्रचार किया. महाराष्ट्र के धुले में सिविल एडमिनिस्ट्रेशन ने इसकी शिकायत भी दर्ज कराई थी. चंदू को हाल में शराब के नशे में भी पाया गया था. उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच भी चल रही है. सेना लगातार चंदू को सुधारने की कोशिश कर रही है. लेकिन उनके रवैये में कोई बदलाव नहीं आ रहा है. सेना इस तरह की चीजों को बर्दाश्त नहीं करती है. सेना ने ये भी कहा है कि यूनिट को अभी तक प्रीमेच्योर डिस्चार्ज के लिए कोई अनुरोध नहीं मिला है.
News Source : UC News

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