Thursday, 26 September 2019

सरकार गिराने के लिए MP में हनी ट्रैप! सामने आए नेताओं और अफसरों के नाम!

मध्यप्रदेश में हनीट्रैप का मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया है। नीली और सफ़ेद कॉलर के लोगों की नींद उड़ गई है। इस चर्चित मामले में एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस हाईप्रोफाइल मामले की जैसे-जैसे परतें खुल रही हैं, वैसे ही कई राज़ों से पर्दा उठ रहा है। पाँच महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद बड़े-बड़े अफसर, मंत्री और नेताओं की साँसे फूल गई है। सूत्रों की माने तो इस मामले में दर्जनभर अधिकारी, बड़े नेता, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और कुछ बड़े पत्रकार तक शामिल हैं। इसके साथ ही मामले के भाजपा से तार जुड़े होने की बात भी सामने आई है।

भाजपा के बड़े नेता शामिल

इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर गिरफ्तार की गई महिलाओं का काम केवल ब्लैकमेलिंग करना ही नहीं बल्कि वे प्रदेश सरकार को गिराने के लिए भी षड्यंत्र रच रही थी। एटीएस से जुड़े सूत्र का कहना है कि ये मामला भाजपा के पूर्व मंत्री के इशारों पर होता था, जो बार-बार कांग्रेस सरकार गिराने के लिए बयान दे चुका है। यहाँ तक कह चुके हैं कि प्रदेश मे वे जब चाहे तब कांग्रेस सरकार गिरा सकते हैं।

हनीट्रैप की मास्टरमाइंड श्वेता जैन ने सरकारी महकमे पर गहरी पैठ बना ली थी। श्वेता को जिस अधिकारी को ट्रैप में फंसाना होता था, आरती से उसकी मुलाकात करवाती थी। सागर निवासी, भाजपा में सक्रिय रही। एक पूर्व सीएम को जाल में फंसाया तो उन्होंने मिनाल रेसीडेंसी में बंगला दिलाया था।

मूक बनी पुलिस, क्यो छिपा रही नेताओं और अफसरों के नाम

पुलिस ने पांचों आरोपी महिलाओं के पास से लैपटॉप, फोन और कई सीडिया बरामद की है, जिनमें कई नेताओं के वीडियो भी सामने आए हैं। युवतियों के पास से पांच हार्ड डिस्क बरामद हुई हैं, इनमें पूर्व और मौजूदा राज्य सरकार के कई नेताओं मंत्रियों के नाम हैं। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी युवतियों को नेताओं-अफसरों और व्यापारियों ने महंगे बंगले और लग्जरी कारें भी तौहफे में दी थीं। वहीं एनजीओ की आड़ में भी उन्हें करोड़ो का फायदा पहुंचाया जा रहा था।

हार्डडिस्क में इनके हैं नाम

महिलाओं के पास मिली हार्ड डिस्क में पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यपाल, 2 मौजूदा मंत्री, तीन पूर्व मंत्री, एक पूर्व सांसद, एक राजनैतिक पार्टी संगठन के बड़े नेताओं के नाम के साथ ही 5 आईएएस अधिकारी, डीजी रैंक के एक आईपीएस अधिकारी, एडीजी रैंक के 2 अधिकारी, एडिशनल एसपी रैंक के 2 अधिकारी, 3 सीएसपी रैंक के अधिकारी, 10 बड़े बिल्डर एक विधायक, सागर के एक नेता, इंदौर के एक नेता के साथ मौजूदा सरकार और पूर्व सरकार के कई नेता और कई कारोबारियों के नाम शामिल हैं।
यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले में पुलिस पर दोनों तरफ यानि प्रदेश सरकार और पूर्व सरकार की तरफ से दबाव है, क्योंकि कांग्रेस और भाजपा के कई नेता इस कांड में फंसे हुए हैं। अफसरों और नेताओं के नाम तो पुलिस तक पहुँच गए हैं, लेकिन किसी के भी खिलाफ कोई रिपोर्ट या उनसे पुछताछ नहीं की जा रही है।
संदर्भ पढ़ें Uc News

No comments:

Post a Comment